(लखनऊ,UP)14अक्टूबर,2026
उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार तकनीक आधारित निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था मजबूत करेगी। इसके लिए 178 नए इंटरसेप्टर वाहन खरीदे जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए परिवहन विभाग के 187.11 करोड़ और यातायात निदेशालय के 34.96 करोड़ समेत कुल 222.07 करोड़ रुपये के बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई कोष प्रबंधन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सड़क सुरक्षा के लिए 65 करोड़ रुपये से सभी 75 जिलों में इलेक्ट्रॉनिक इन्फोर्समेंट डिवाइस लगाए जाएंगे। इसमें 25 दुर्घटना बहुल जिलों के लिए 30 करोड़ और शेष 50 जिलों के लिए 35 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। परिवहन विभाग 32 करोड़ रुपये से 100 इंटरसेप्टर वाहन खरीदेगा, जबकि यातायात निदेशालय 24.96 करोड़ रुपये से 78 चार पहिया इंटरसेप्टर वाहन खरीदेगा। प्रत्येक वाहन की कीमत 32 लाख रुपये होगी।
सड़क सुरक्षा संदेशों के प्रचार के लिए 30 जिलों में इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड पर 15 करोड़ और 3218 स्थानों पर स्थायी होर्डिंग लगाने पर 16.09 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जागरूकता अभियान के लिए 10 करोड़, 1500 उच्च शिक्षण संस्थानों के रोड सेफ्टी क्लबों के लिए 75 लाख और 1574 माध्यमिक विद्यालयों के क्लबों के लिए 78.70 लाख रुपये रखे गए हैं। सड़क सुरक्षा सप्ताह और पखवाड़े पर 4.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात, अजय चौहान, एडीजी ए. सतीश गणेश और परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन मौजूद रहे।
प्रवर्तन अधिकारियों को मिलें टैबलेट
प्रवर्तन अधिकारियों को 100 टैबलेट देने पर 65 लाख और 139 अधिकारियों को डेसीबल मीटर उपलब्ध कराने पर 1.25 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। रोडवेज की 8348 बसों पर नवंबर 2026 से जनवरी 2027 तक सुरक्षा संदेश प्रदर्शित करने पर 1.86 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 169 वाहनों के ईंधन व रखरखाव पर 8.11 करोड़ और इंटरसेप्टर उपकरणों के रखरखाव पर 2.40 करोड़ रुपये रखे गए हैं।(साभार एजेंसी)
