“विरासत और विकास के समन्वय से बनेगा विकसित यूपी”-सीएम योगी

Uttar Pradesh

(लखनऊ,UP)26अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आज का दिन उत्तर प्रदेश की उस यात्रा का प्रतीक है, जिसमें गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेकर भविष्य की नई संभावनाओं का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदेश की विकास यात्रा पर अपने विचार साझा किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर प्रदेश आज आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती मना रहा है, जिन्होंने रामायण के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी जनमानस को प्रभु श्री राम के जीवन चरित्र और रामराज्य के आदर्शों से परिचित कराया। वहीं दूसरी ओर, GCC Innovation Summit 2026 उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीक, नवाचार और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाने की संभावनाओं को नई दिशा देने का अवसर प्रदान कर रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण केवल सांस्कृतिक धरोहर नहीं, बल्कि ज्ञान, मर्यादा और लोक-कल्याण की ऐसी परंपरा है, जिसने युगों तक समाज को दिशा दी है। आज इसी ज्ञान-परंपरा को आधुनिक संदर्भ में आगे बढ़ाने का अवसर है, जहां विज्ञान और तकनीक युवाओं की प्रतिभा को नए अवसरों से जोड़ें और उनके सामर्थ्य को वैश्विक पहचान मिले।

उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न विरासत का सम्मान था और न ही विज्ञान और विकास का स्थान था। आत्ममुग्ध शासन में प्रदेश की संभावनाओं तथा औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं के अनुरूप निवेश व रोजगार के अवसरों का विस्तार एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश अपनी बेहतर होती कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशोन्मुख नीतियों के आधार पर नई संभावनाएं विकसित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जहां GCC Capital of the World के रूप में उभरा है, वहीं उत्तर प्रदेश अब भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का हब बन रहा है।

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की ज्ञान-साधना ने भारतीय समाज को युगों तक दिशा दी, आज ज्ञान और नवाचार की शक्ति उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही है। विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना इसी समन्वय में साकार होगी, जहां विरासत से संस्कार, शिक्षा से सामर्थ्य और तकनीक से समृद्धि के नए मार्ग प्रशस्त हों और प्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करते हुए भारत की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में वैश्विक स्तर पर सशक्त भूमिका निभाए।(साभार सोशल मीडिया)

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